विजय कुमार सिन्हा
Vijay Kumar Sinha के नेतृत्व में भूमि से जुड़े मामलों को सरल, तेज, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्णय और सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में विभिन्न सेवाओं के लिए स्पष्ट समय सीमा तय करने की दिशा में पहल की गई है। इसका उद्देश्य आमजन को अनावश्यक देरी से राहत दिलाना और विभागीय जवाबदेही को मजबूत करना है।
बिहार में जमीन, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि मापी और राजस्व अभिलेख से जुड़े मामले आम नागरिकों और किसानों के जीवन से सीधे जुड़े होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने सेवा वितरण को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं।
Vijay Kumar Sinha के नेतृत्व में विभाग द्वारा राजस्व महा-अभियान के तहत बड़े स्तर पर कार्य किए गए हैं। 46 लाख आवेदनों के निष्पादन अभियान, 40 लाख से अधिक परिमार्जन मामलों, फार्मर रजिस्ट्री अभियान और 45 लाख से अधिक किसानों के पंजीकरण जैसे कदम विभागीय सक्रियता को दर्शाते हैं।
इन पहलों का उद्देश्य भूमि और राजस्व से जुड़ी सेवाओं को अधिक व्यवस्थित, समयबद्ध और आमजन के लिए सुगम बनाना है, ताकि लोगों को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
किसी भी governance post में visual trust बहुत महत्वपूर्ण होता है। Vijay Sinha जी की सार्वजनिक सहभागिता, समीक्षा बैठक और जनसंवाद से जुड़ी तस्वीरें लोगों के बीच विश्वसनीयता और नेतृत्व की छवि को और मजबूत बनाती हैं।
डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बिहारभूमि पोर्टल के माध्यम से सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की गई है। प्रत्येक अंचल में CSC केंद्र स्थापित कर आमजन को सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास भी महत्वपूर्ण कदम है।
राजस्व अभिलेखों की ऑनलाइन नकल व्यवस्था, डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति को वैधानिक मान्यता, “चिरकुट फाइल” व्यवस्था की समाप्ति और राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली को ऑनलाइन करने जैसे कदम पारदर्शी शासन की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
Vijay Sinha जी के नेतृत्व में विभाग ने भ्रष्टाचार और बिचौलिया संस्कृति के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जीरो टॉलरेंस नीति, दोषी कर्मचारियों पर त्वरित कार्रवाई, दलाल-मुंशी प्रथा पर रोक और भू-माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई जैसे कदम विभागीय अनुशासन को मजबूत करते हैं।
जनता की समस्याओं को सीधे सुनने और समाधान की दिशा में “भूमि सुधार जनकल्याण संवाद” की शुरुआत की गई। पटना से इस अभियान की शुरुआत के बाद लखीसराय, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, सहरसा, भागलपुर, गया, दरभंगा, सारण और मुंगेर जैसे जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार जनसुनवाई तथा प्रत्येक शनिवार अंचल कार्यालय में जनता दरबार की व्यवस्था से नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद मजबूत करने का प्रयास किया गया है।
राजस्व न्यायालयों में समय सीमा निर्धारित कर दाखिल-खारिज, अपील और अतिक्रमण जैसे मामलों के निष्पादन को गति देने का प्रयास किया गया है। “डेट पर डेट” प्रणाली को समाप्त करने का निर्देश त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
लंबित मामलों की स्पष्ट परिभाषा तय करते हुए केवल कोर्ट के stay वाले मामलों को ही लंबित मानने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद सरकारी भूमि संरक्षण पर मजबूती और बिना स्वीकृति मेला खर्च पर रोक जैसे निर्णय भी लिए गए हैं।
प्रत्येक अंचल में CCTV लगाने का निर्णय, राजस्व कर्मचारियों को पंचायत स्तर तक तैनात करने की पहल और सभी जिलों में लैंड बैंक बनाने का निर्देश विभाग की प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने वाले कदम हैं।
पारिवारिक बंटवारा पोर्टल की शुरुआत, एक साथ दाखिल-खारिज की सुविधा, वंशावली निर्गत करने की नई व्यवस्था, शहरी क्षेत्रों में अंचलाधिकारियों को जिम्मेदारी और कैथी लिपि दस्तावेजों के अनुवाद हेतु विशेषज्ञ पैनल जैसी पहलें नागरिक सुविधा को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
भूमि सुधार को सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए “ऑपरेशन भूमि दखल देहानी” की शुरुआत की गई है। इसके तहत SC/ST पर्चाधारियों को जमीन पर कब्जा दिलाने की पहल की गई है।
शहीद परिवारों, विधवा और दिव्यांगजनों को प्राथमिकता देने जैसे निर्णय विभाग की संवेदनशीलता को दर्शाते हैं। भूमि से जुड़े अधिकारों को वास्तविक रूप से लागू कराने की दिशा में ये पहल महत्वपूर्ण मानी जा सकती हैं।
Vijay Kumar Sinha जी का संकल्प है कि शासन व्यवस्था जनता के लिए अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और जवाबदेह बने।
Join Us